मोदी स्पिनिंग एंड वीविंग मिल प्रकरण
December 25, 2019 • योगेश गौड़

एक ही उल्लू काफी है बर्बाद गुलिस्तां करने को...
पूर्व चेयरमैन राम आसरे शर्मा ने लगाए पूर्व व हालिया विधायक पर गंभीर आरोप
 मोदीनगर (योगेश गौड़)। एक ही उल्लू काफी है बर्बाद गुलिस्तां करने को, यहां हर शाख पे उल्लू बैठा है अंजाम ए गुलिस्तां क्या होगा। किसी शायर द्वारा कहीं गई यह पंक्तियां स्थानीय मोदी स्पिनिंग एंड वीविंग मिल्स के मजदूरों का बकाया भुगतान व मकानों पर मालिकाना हक दिए बगैर मिल से जबरन स्क्रैप निकाले जाने के प्रकरण में बाकायदा चरितार्थ हो रही है। बता दें कि लगभग ढाई दशक पूर्व मोदी स्पिनिंग एंड वीविंग मिल्स में हुई तालाबंदी के बाद से मिल में कार्यरत मजदूर अपने बकाया भुगतान एवं मकानों पर मालिकाना हक की मांग करता चला आ रहा है ।

इस तमाम प्रकरण में मजदूरों द्वारा कई आंदोलन भी किए जा चुके हैं। पूर्व में तत्कालीन विधायक की मध्यस्थता के बाद यह तय हुआ था कि मजदूरों को बुक वैल्यू पर मकानों पर मालिकाना हक दिलाने के साथ-साथ मिल मालिकों द्वारा उनके बकाया भुगतान पर 12% ब्याज सहित अदायगी की जाएगी। 8 माह पूर्व मिल प्रबंधन द्वारा कपड़ा मिल गेट पर एक नोटिस चस्पा कर मजदूरों से उनके बकाया भुगतान तथा 12% ब्याज दिए जाने के साथ मकानों की रजिस्ट्री किए जाने संबंधी दावा किया गया था, लेकिन मिल प्रबंधन ने मजदूरों को मकानों पर मालिकाना हक दिए बगैर तथा भुगतान की राशि के साथ ब्याज अदा न करते हुए मिल परिसर से स्क्रैप निकलवाना शुरू कर दिया था। जिसके विरोध में मजदूर नेता एवं पूर्व चेयरमैन राम आसरे शर्मा ने सैकड़ों मजदूरों के साथ इसका विरोध करते हुए मिल गेट पर धरना दे दिया था। लेकिन अब करीब 8 माह बाद मिल प्रबंधन ने फिर से चोरी-छिपे मिल से माल निकालना शुरू कर दिया बताया जा रहा है जिस पर विरोध व्यक्त करते हुए बुधवार को स्थानीय वर्कर्स क्लब में पं रामआसरे शर्मा द्वारा एक पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया जिसमें उन्होंने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि आठ माह पूर्व कपड़ा मिल प्रबंधन ने मिल का स्क्रैप बेच कर श्रमिकों का बकाया वेतन तथा मालिकाना हक देने का आश्वासन दिया था, लेकिन मिल प्रबंधन ने मजदूरों का हिसाब किए बगैर ही मिल का स्क्रैप निकालना शुरु कर दिया। उन्होंने आरोप लगाते हूए कहा कि मिल प्रबंधन कई बार मजदूरों का हिसाब करने तथा मकानो पर मालिकाना हक देने का आश्वासन दे चुका है, लेकिन मिल प्रबंधन हर बार अपने दिए गए आश्वासन को दरकिनार कर मिल का स्क्रैप अवैध रूप से लगातार निकाल रहा है। उन्होंने जिला तथा पुलिस प्रशासन पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि गत 7 दिसंबर को जब वे मजदूरों के साथ मिल के सामने अनशन करने जा रहे थे तो पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही जबरन रोक लिया था  जिसके बाद तहसीलदार मोदीनगर ने उन्हें शीघ्र ही श्रमिक आवासों की रजिस्ट्री शुरू करा दी जाएगी तथा कोई निर्णय न होने तक स्क्रैप निकलने नहीं दिया जाएगा का झूठा आश्वासन देकर उनका अनशन स्थगित करा दिया था। रामआसरे शर्मा ने आरोप लगाया कि मिल प्रबंधन मजदूरों का हिसाब करने के मूड में ही नहीं है और जिला तथा पुलिस प्रशासन से सांठगांठ कर लगातार अवैध रूप से स्क्रैप निकाल रहा है। उन्होंने कहा कि मिल प्रबंधकों और अधिकारियों की सांठगांठ इस बात से जाहिर हो रही है कि मिल प्रबंधन द्वारा उपश्रमायुक्त को मजदूरों के वेतन आदि के लिए दिया गया एक करोड़ रुपए का चेक बाउंस होने के बाद भी मिल प्रबंधकों के खिलाफ कोई कार्यवाही अभी तक प्रशासन द्वारा नहीं की गई है। इतना ही नहीं पंडित रामाश्रय शर्मा ने हालिया एवं पूर्व विधायक को इस सारे प्रकरण का सूत्रधार बताते हुए साफ तौर पर कटघरे में खड़ा कर दिया।  रामआसरे शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि मजदूरों का हिसाब नहीं किया गया तो एक बड़ा आंदोलन मिल के गेट पर  किया जाएगा।