जंतर-मंतर पर जुटे देशभर के पत्रकार, धरना प्रदर्शन कर श्रम एवं रोजगार मंत्री को सौंपा अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन 
October 10, 2019 • योगेश गौड़

देशभर से 20 पत्रकारों के संगठन से जुड़े पत्रकार रहे धरने में शामिल                               
नई दिल्ली(योगेश गौड़)। देशभर के पत्रकार गुरुवार को नई दिल्ली स्थित जंतर मंतर पर पर एकत्रित हुए और नेशनल जर्नलिस्टस यूनियन अॉफ इंडिया (एन यू जे आई) के बैनर तले संयुक्त रूप से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विशाल धरना प्रदर्शन किया यूपी जर्नलिस्ट एसोसिएशन उपजा सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए लगभग 20 शीर्ष पत्रकारों के संगठनो के प्रतिनिधिमण्डल ने केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री सन्तोष गंगवार को एक ज्ञापन सौंप कर माँग की कि नवनिर्मित श्रम कानून के अन्तर्गत श्रमजीवी पत्रकारों के अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार की रक्षा और उन्हें सुराक्षित माहौल देने तथा आजीविका के प्रबन्धन का विशेष ध्यान रखा जाए। इसके अलावा वर्किंग जर्नलिस्ट्स एक्ट  1955 तथा सेवा शर्त आदि सम्बन्धी एक्ट 1958 के प्रावधानों को ज्यों का त्यों नए श्रम कानून में शामिल किया जाए। साथ ही पत्रकारों के लिए प्रस्तावित नए वेज बोर्ड का अविलम्ब गठन किया जाए। धरना स्थल पर पत्रकारों द्वारा शॉप पर गए ज्ञापन एवं उनकी मांगों को सुनने के लिए पहुंचे श्रम एवं रोजगार मंत्री सन्तोष गंगवार ने धरने में मौजूद पत्रकारों को आश्वासन देते हुए कहा कि सरकार का पत्रकारो को हतोत्साहित करने का कोई इरादा नही है। सरकार द्वारा  बनाए गए नए श्रम कानून में वास्तविक पत्रकारो के हितों का पूरा ध्यान रखा गया है। इतना ही नहीं प्रिंट मीडिया कर्मियों के साथ इलेट्रॉनिक मीडिया तथा वेब पोर्टल कर्मियों को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पत्रकार अपनी मांगों से संसदीय स्थाई समिति को भी अपनी मांग से अवगत करा दे ताकि उसकी संस्तुतियों में शामिल किया जा सके।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में जर्नलिस्ट एक्ट -1955 व 1958 तथा इसके तहत मिलने वाले वेज बोर्ड सहित विभिन्न 13 श्रम अधिनियमों को समाप्त कर एक नया श्रम कानून बनाया है। जिसे 23 जुलाई को लोकसभा में पेश किया गया था।
फिलहाल  इस कानून की समीक्षा कर अपनी संस्तुति देने के लिए संसदीय स्थाई समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।
पत्रकारों के  ज्यादातर संगठनों का यह मानना है कि यदि यह कानून पास हो जाता है तो पत्रकारों की स्थिति बंधुआ और दैनिक मजदूर से भी बदतर हो जाएगी। इतना ही नहीं अखबार मालिक पत्रकारों को न्यूनतम मजदूरी लेने के लिए बाध्य कर देंगे। जंतर मंतर पर  आयोजित धरने में मौजूद रहे पत्रकारों के संगठन में उत्तर प्रदेश जर्नलिस्टस एसोसिएशन उपजा के महामंत्री उत्तर प्रदेश एवं नेशनल यूनियन ऑफ इंडिया के  राष्ट्रीय सचिव रमेश चंद जैन जिला शाखा गाजियाबाद के संरक्षक वरिष्ठ पत्रकार सच्चिदानंद पंत एंव जिला अध्यक्ष राकेश कुमार शर्मा तहसील मोदीनगर अध्यक्ष योगेश गौड़  उपाध्यक्ष अनवर खान  महामंत्री सतीश अग्रवाल  के अलावा कंफेडरेशन ऑफ न्यूज़ पेपर एण्ड न्यूज़ एजेंसी ऑर्गेनाइजेशन से सम्बद्ध ऑल इण्डिया
फेडरेशन ऑफ पी०टी०आई० एम्प्लाइज के एम.एस. यादव, नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स इण्डिया के मनोहर सिंह, अमलेश राजू अध्यक्ष-महामन्त्री DJA) इण्डियन जर्नलिस्ट्स यूनियनइंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग प्रतिनिधि मण्डल में एम.एस. यादव,मनोहर सिंह,अमलेश राजू व अन्य,सबीना इंद्रजीत,नंद किशोर पाठक,एम.एल.जोशी,परमानन्द पाण्डेय, हेमन्त तिवारी आदि शामिल रहे।