अयोध्या पर सर्वोच्च न्यायालय  के फैसले का  सभी धर्मों ने किया  खुले दिल से स्वागत
November 10, 2019 • योगेश गौड़

शनिवार को आए सर्वोच्च न्यायालय  के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए किया स्वागत

मोदीनगर (योगेश गौड़)। अयोध्या पर सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सहित पांच जजों की खंडपीठ द्वारा ऐतिहासिक फैसला सुनाए जाने के बाद सभी दलों के नेताओं, व्यापारियों एवं आम जनमानस ने इस बहुप्रतीक्षित फैसले को संतुलित बताते हुए इसका समर्थन किया है। शनिवार को आए इस फैसले के बाद सर्च आउट ने नगर के तमाम दलों के नेताओं, व्यापारी वर्ग एवं आम जनमानस से इस संबंध में चर्चा की

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुभाष त्यागी ने कहा कि

माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सुनाया गया फैसला बेशक देरी से आया है लेकिन यह फैसला मुस्लिम एवं हिंदू दोनों पक्षों के लिए बेहद संतुलित फैसला है। उन्होंने कहा कि सभी देशवासियों को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सुनाए गए फैसले का सम्मान करते हुए आपसी भाईचारा बनाए रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और यहां सभी धर्म एवं जाति के लोग बड़े ही सौहार्दपूर्ण वातावरण में निवास करते हैं, यही कारण है कि वे पूरे विश्वास के साथ कह सकते हैं कि सभी धर्मों के लोग माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का समर्थन करते हुए शांति एवं सौहार्द बनाए रखेंगे।

कांग्रेस नेता एवं पीसीसी आई सदस्य सुनील शर्मा ने भी

सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय का स्वागत करते हुए देश एवं नगर वासियों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

नगर अध्यक्ष कांग्रेस कमेटी के राकेश गोयल

ने भी लोगों से माननीय उच्च न्यायालय के आदेश का स्वागत करते हुए शांति एवं सौहार्द बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि  माननीय सर्वोच्च न्यायालय के  इस आदेश पर सभी देशवासियों को धैर्य एवं आपसी सामंजस्य बनाए रखने की आवश्यकता है।

वही सत्तारूढ़ पार्टी से जुड़े

वरिष्ठ भाजपा नेता स्वदेश जैन

ने भी इसे हिंदू एवं मुस्लिम धर्म के लोगों के लिए बेहद संतुलित फैसला बताते हुए सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्य खंडपीठ की भूरी भूरी प्रशंसा करते हुए कहा है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने सभी पहलुओं पर बारीकी से नजर रखते हुए दोनों धर्मों के लोगों के लिए संतुलित फैसला सुनाया है जिसकी सभी देशवासियों को सराहना करनी चाहिए।

भाजपा नेता पवन सिंघल

ने कहा कि यह बेहद संवेदनशील मुद्दा था जिसे माननीय सर्वोच्च न्यायालय की पांच सदस्य खंडपीठ ने बेहद बुद्धिमानी एवं सभी धर्मों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए सुनाया है। उन्होंने कहा कि नगर वासियों को सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश को स्वीकार करते हुए हमेशा की तरह शांति एवं एकता की मिसाल पेश करनी चाहिए।

भाजपा जिला मंत्री दिनेश सिंघल

ने माननीय  सर्वोच्च न्यायालय के इस आदेश को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि जिस तरह से माननीय सर्वोच्च न्यायालय की 5 सदस्य खंडपीठ ने दोनों पक्षों  की भावनाओं एवं पेश की गई दलीलों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला सुनाया है वह बेहद अतुलनीय है।

आम आदमी पार्टी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य नवाब सोनी

ने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय द्वारा शनिवार को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण एवं मस्जिद के मसले पर सालों से चले आ रहे विवाद का पटाक्षेप करते हुए फैसला सुनाया है जिसमें दोनों धर्मों के लोगों की आस्था एवं भावनाओं को पूरी तरह से ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि वे माननीय सर्वोच्च न्यायालय के इस फैसले का समर्थन करते हैं ।उन्होंने कहा कि सालों से चला आ रहा यह विवाद राजनीतिक मुद्दा भी बना हुआ था यही कारण है कि इस मुद्दे ने कई लोगों को संसद एवं विधानसभा पहुंचाने का काम किया, लेकिन अब इस विवाद पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए फैसले से पूर्ण  विराम लग जाएगा जिसके चलते पार्टियां इस मुद्दे पर अपनी राजनीतिक रोटियां नहीं  सेक पाएंगी।

राष्ट्रीय लोक दल के वरिष्ठ नेता रणवीर  दहिया

ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सुनाए गए फैसले पर लोगों को संयम बरतने की सलाह देते हुए इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा विवादित भूमि पर राम मंदिर का निर्माण किए जाने का फैसला सुना कर जहां हिंदू धर्म के लोगों की भावनाओं का खयाल रखा है वही दूसरे पक्ष को मस्जिद बनाने के लिए 5 एकड़ भूमि दिए जाने का फैसला सुना कर दोनों धर्मों के लोगों में संतुलन बनाने को भी नजरअंदाज नहीं किया है जो बेहद सराहनीय है।

पीसीएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ एस के शर्मा

ने शनिवार को माननीय उच्च न्यायालय के जजों की पांच सदस्य खंडपीठ द्वारा सुनाए गए फैसले की प्रशंसा करते हुए कहा है कि यह फैसला दोनों पक्षों की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए बेहद बेहतरीन फैसला है। उन्होंने सभी देशवासियों एवं नगर वासियों से इस फैसले का सम्मान करने एवं शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जो मुद्दे किसी भी धर्म के लोगों की धार्मिक भावनाओं से जुड़े हैं उनका माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा संज्ञान लेते हुए जल्द से जल्द निपटारा किया जाना देश हित में बेहद जरूरी है।

डॉक्टर एन पी सिंह हॉर्टिकल्चरिस्ट

ने कहा कि वर्षों से लंबित इस मामले का संज्ञान लेकर ऐतिहासिक फैसला सुनाने के लिए माननीय सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एवं पीठ में शामिल अन्य न्यायाधीशों को दोनों पक्षों की भावनाओं को ध्यान में रखकर बेहद सटीक फैसला सुनाया है। उन्होंने कहा कि इसमें गौर करने लायक जो तथ्य हैं वह यह है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने आरकेलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) द्वारा गुंबद के नीचे की गई खुदाई में मिले साक्ष्यों जैसे 12 स्तंभ तथा खंडित हिंदू देवी देवताओं की मूर्तियों को आधार बनाने के साथ-साथ हिंदू धर्म से जुड़े लोगों द्वारा उक्त स्थल पर की जा रही पूजा अर्चना को आधार बनाते हुए यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। उन्होंने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने दोनों ही धर्मों की भावनाओं का धार्मिक स्तर पर ध्यान रखते हुए फैसला जारी किया। जिसकी सराहना की जानी अति आवश्यक है। डॉक्टर एनपी सिंह ने सभी लोगों से माननीय सर्वोच्च न्यायालय के इस आदेश का पालन करने के साथ शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।

वरिष्ठ बसपा नेता एडवोकेट प्रमोद तँवर

ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को सही बताते हुए कहा कि भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई एवं उनके सहयोगी न्यायाधीशों ने सभी तथ्यों एवं सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद बेहद संतुलित फैसला सुनाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि सभी देशवासियों को चाहिए के माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दोनों धर्मों के लोगों की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए सुनाए गए फैसले का सम्मान करना चाहिए तथा देश में अमन एवं भाईचारे की भावना की मिसाल पेश करनी चाहिए।

आम आदमी पार्टी के विधानसभा संयोजक पंडित हरेंद्र शर्मा

ने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद विभिन्न राजनीतिक पार्टियों द्वारा मंदिर मस्जिद मुद्दे का राजनीतिकरण करके धर्म एवं जाति के आधार पर की जा रही राजनीति पर अब रोक लग सकेगी। उन्होंने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय काय फैसला कुछ राजनीतिक पार्टियों के लिए बेहद बड़ा झटका साबित होगा। उन्होंने कहा कि यह फैसला हालांकि काफी सालों पहले आ जाना चाहिए था लेकिन देर आए दुरुस्त आए की कहावत को माननीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने चरितार्थ करने का काम किया है। उन्होंने नगर वासियों से अपील की कि इस फैसले को सकारात्मक रूप में लेते हुए शांति बनाए रखें।

भीम आर्मी के वरिष्ठ नेता निजाम चौधरी

ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय के इस फैसले पर शांति व्यवस्था एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय का यह फैसला सभी धर्मों एवं जातियों के लिए स्वागत योग्य होना चाहिए। निजाम चौधरी ने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले में सटीक निर्णय सुना कर वर्षों से चले आ रहे इस विवाद का पटाक्षेप करने का कार्य किया है। साथ ही माननीय सर्वोच्च न्यायालय की पांच सदस्यीय खंडपीठ ने दोनों पक्षों की दलीलों एवं साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए बेहद संतुलित फैसला सुनाने का काम किया है, जो बेहद सराहनीय है, और सभी धर्मों के लोगों को इसका समर्थन करना चाहिए।

वरिष्ठ एवं पूर्व शासकीय अधिवक्ता कैलाश चंद शर्मा

ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय हमारे देश की प्रमुख न्यायिक संस्था है लिहाजा सभी देशवासियों को माननीय सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों और आदेशों का पालन करना चाहिए उन्होंने कहा कि वर्षों से विवाद और राजनीति  की धूरी बने रहे अयोध्या बाबरी मस्जिद विध्वंस एवं मंदिर निर्माण के मसले का हल निकाल कर सर्वोच्च न्यायालय ने सराहनीय कार्य किया है उन्होंने कहा कि हम सभी देशवासियों को सर्वोच्च न्यायालय के इस आदेश का सभी को खुले दिल से स्वागत करने के साथ अमन चैन बनाए रखकर सारी दुनिया के लिए एक मिसाल पेश करनी चाहिए।