सपाईयों ने प्रदेश सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ तहसील मुख्यालय पर दिया एक दिवसीय धरना 
October 1, 2019 • योगेश गौड़

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल के नाम 12 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा उप जिलाधिकारी को ज्ञापन

मोदीनगर (योगेश गौड़)। सपाइयों ने उत्तर प्रदेश सरकार  की जनविरोधी नीतियों के ख़िलाफ़ हल्ला बोलते हुए तहसील का घेराव किया तथा कानून व्यवस्था सहित अन्य माध्यमों से जनता का शोषण करने का आरोप लगाते हुए एक 12 सूत्रीय ज्ञापन उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के नाम उप जिलाधिकारी मोदीनगर डी पी सिंह को सौंपा। मंगलवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता एकत्रित होकर तहसील मुख्यालय पहुंचे और धरने पर बैठ गए व प्रदेश सरकार के ख़िलाफ़ जमकर नारेबाजी की।
 समाजवादी प्रदेश सचिव रमेश प्रजापति ने उपस्थित समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा सरकार द्वारा दिए गया सबका साथ सबका विकास का नारा पूरी तरह से खोखला साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा लोकसभा चुनावों तक जनता को गुमराह किया जाता रहा और जैसे ही चुनाव खत्म हुए सरकार ने पेट्रोल,डीजल, रसोई गैस और बिजली की दरों में बेतहाशा वृद्धि करने के साथ-साथ यातायात के नियमों के नाम पर जुर्माना वसूलने की कवायद के तहत आम आदमी की कमर तोड़ने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी है, इतना ही नहीं सरकार ने खाद्यान्न वस्तुओं के मूल्य में वृद्धि करने के अलावा किसानों को खाद बीज की समस्या से दो-चार होने के लिए मजबूर कर दिया है। प्रजापति ने कहा कि औद्योगिक समिति के नाम पर बेरोजगार नौजवानों को रोजगार मुहैया कराए जाने के भी झूठे वादे सरकार द्वारा किए गए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी द्वारा गत 9 अगस्त 2019 को प्रदेश के जिला मुख्यालय पर शांतिपूर्ण धरना देकर ज्ञापन सौंपा गया था जिसमें प्रदेश सरकार से इन जनहित से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देकर देने की मांग की गई थी लेकिन समाजवादी पार्टी द्वारा किए गए इन धरना प्रदर्शन और सौपे गए ज्ञापनो पर प्रदेश सरकार ने अभी तक कोई ध्यान नहीं दिया है। समाजवादी पार्टी प्रदेश सरकार की जनविरोधी नीतियों का विरोध एवं निंदा करती है।
वरिष्ठ सपा नेता गजेंद्र मलिक ने कहा कि इन दिनों देश और प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है, यही कारण है कि प्रदेश में चारों ओर हत्या, लूट, बलात्कार, महिलाओं के उत्पीडन, बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े तथा धोखाधड़ी के मामलों की बाढ़ सी आई हुई है और सबकुछ जानते हुए भी शासन, पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। वरिष्ठ सपा नेता केएल जाटव ने  प्रदेश सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि किसानों के गन्ना भुगतान, कर्जमाफ़ी, गन्ना मूल्य समर्थन योजना में बिचौलियों द्वारा किसानों के शोषण और किसानों द्वारा देश स्तर पर आए दिन की जा रही आत्महत्याओं के मामलों का ना तो केंद्र सरकार कोई संज्ञान लेने को तैयार है और न कि प्रदेश सरकार इसके लिए कोई सकारात्मक कदम उठा रही। मंच का संचालन करते हुए वरिष्ठ सपा नेता परवेज तोमर ने कहा कि मुफ़्त गैस देने के नाम पर आम जनता से धोखा किया जा रहा है। इतना ही नहीं हाल ही में सरकार द्वारा चालान पर निर्धारित की गई मोटी रकम वसूली का एलान नादिरशाही हुक्म की तर्ज पर किया गया है, जिससे आम आदमी के शोषण किये जाने की साज़िश रची गई है। महिला मोर्चा की प्रदेश सचिव कमलेश चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री विभिन्न मंचों से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के दावे करते हैं लेकिन हाल ही में स्वामी चिन्मयानंद तथा कुलदीप सेंगर पर लगे महिलाओं के उत्पीड़न और बलात्कार के मामलों में केंद्र और प्रदेश सरकार बरते जा रहे रवैया से भाजपा की मंशा का खुलासा हो गया है। उन्होंने कहा कि स्वामी चिन्मयानंद पर आरोप लगाने वाली युवती को जेल भेज दिया गया है जबकि बलात्कार के आरोपी स्वामी चिन्मयानंद को जेल भेजने के बजाय अस्पताल में फाइव स्टार सुविधाएं दी जा रही हैं। समाजवादी छात्र सभा की पूर्व सचिव एवं एम एम कॉलेज छात्रसंघ की पूर्व उपाध्यक्ष मनीषा त्यागी ने कहा कि भाजपा सरकार में महिलाओं के प्रति उत्पीड़न और बलात्कार के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। धरने के दौरान सपाइयों ने 12 सूत्रीय एक ज्ञापन उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के नाम उप जिलाधिकारी मोदीनगर बी पी सिंह को सौंप कर पेट्रोल, डीजल, रसोई, गैस विद्युत दरों में वृद्धि, किसानों की समस्याओं खाद बीज का भाव, कर्ज के बोझ में दबे किसानों द्वारा की जा रही आत्महत्याओं, बेरोजगारी, कानून व्यवस्था, अपराधों में भारी वृद्धि, पुलिस द्वारा किए जा रहे फर्जी एनकाउंटर, तथा समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं का विशेष रूप से किया जा रहा है उत्पीड़न, प्रदेश में बढ़ रहे भ्रष्टाचार, भ्रष्ट तंत्र, रिश्वतखोरी, ठप पड़ी स्वास्थ्य सेवाएं, जौहर विश्वविद्यालय में राज्य सरकार द्वारा किए जा रही उत्पीड़न आत्मक कार्यवाही तथा वरिष्ठ समाजवादी पार्टी नेता मोहम्मद आजम खां पर लगाए जा रहे फर्जी मुकदमे, महिलाओं के साथ बढ़ती छेड़खानी, बलात्कार की घटनाएं व बच्चियों के साथ हो रहे दुष्कर्म और हत्या अपहरण के मामले, अल्पसंख्यकों पर लगाए जा रहे फर्जी मुकदमें, बिजली, पानी, सड़क जैसी आमजन से जुड़ी समस्याएं के अलावा भाजपा सरकार समाजवादी सरकार के कार्यों को अपना बताकर वाहवाही लूटने से बाज आए जैसी मांग की गई। सपाईयों ने कहा कि उनकी मांगों पर जल्द से जल्द विचार कर कार्रवाई अमल में लाई जाए। सपाईयों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि शासन प्रशासन नींद से नही जागता है तो समाजवादी पार्टी आम जनता के साथ सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन और आंदोलन जारी रखेगी। ज्ञापन सोंपने वाले तथा धरने में शामिल रहे  सपाइयों में पप्पन शर्मा, सुरेंद्र त्यागी, अबरार अल्वी, कालूराम धामा, दुलीचंद प्रजापति, विकास यादव, परवेज चौधरी, वसीम अहमद, परवेज सिद्धकी, इस्लाम, महावीर गुर्जर, मेहर सिंह, मनीष, उत्तम त्यागी, राकेश त्यागी, कृष्ण रुहेला, सुरेंद्र शर्मा, लीलू भगत जी, मनोज शर्मा, योगेंद्र शर्मा, मोहम्मद जाहिद, साजिद मंसूरी, बाबू गौतम, सुमन, पूनम, विमला, राखी, ज्योति, सरला, शास्ती, पूनम  गीता, शशि व निर्मला आदि रहे।