धन संपत्ति के त्याग की बजाए भीतरी बुराइयों का त्याग ही उत्तम त्याग धर्म - श्री विशाल सागर जी महाराज
September 10, 2019 • अनवर खान
  1. सहारनपुर (अनवर ख़ान)। जैन बाग स्थित प्राचीन जैन मंदिर में दसलक्षण पर्व बड़े ही आस्था एवं श्रद्धाभाव के साथ मनाया जा रहा है। इस दौरान जैन धर्म के संतों द्वारा दिए जा रहे प्रवचनों को अपने भीतर आत्मसात कर जैन धर्मावलंबी धर्म लाभ उठा रहे हैं।
            प्रवचनों की इसी कड़ी में प्रख्यात जैन संत श्री विशाल सागर जी महाराज ने दसलक्षण पर्व के एक अध्याय उत्तम त्याग धर्म की व्याख्या करते हुए कहा कि दशलक्षण धर्म की यात्रा जो मानव द्वारा उत्तम क्षमा धारण करने  से प्रारंभ हुई है, उसको विनय संपन्न, विनय शील, सरल सहज  एवं लोभ रहित बनाते हुए उसे सत्य, संयम एवं तप के मार्ग पर प्रेरित करते हुए आज उत्तम त्याग की ओर लेकर आई है। मनुष्य द्वारा बाहरी परिग्रह जैसे धन-दौलत या संपत्ति का त्याग इतना महत्वपूर्ण नहीं है, जितना अपने भीतर भरे हुए कषाय रूपी क्रोध, मान, माया, लोभ, हिंसा, झूठ, चोरी, कुशील की भावनाओं का त्याग है। इन विकारों के त्याग से ही आत्मा निर्मल बनकर अपने स्वभाव में लीन होती है। दशलक्षण धर्म का बहुत ही वैज्ञानिक  एवं व्यवस्थित रूप से क्रम निर्धारित किया गया है। जो उत्तम क्षमा से प्रारंभ होकर मारदव, आर्जव, शौच, सत्य, संयम, तप, त्याग, अकिंचन एवं ब्रह्मचर्य के रूप में समाप्त होता है। उत्तम त्याग धर्म की व्यवस्थाओं का पालन मात्र महामुनिराज ही कर सकते हैं। श्रावक तो अपने द्वारा अर्जित धन संपत्ति में से कुछ अंश दान करके संपत्ति अर्जित करने में हुए पाप का  प्रक्षालन कर सकते हैं। किंतु दान के बदले सम्मान, पद, प्रतिष्ठा की लालसा श्रावक की त्याग धर्म की भावना समाप्त कर देती है। इस दौरान प्रसिद्ध दानदाता सेठ जंबू प्रसाद जैन द्वारा समाज के लिए किए गए कार्यों का भी बखान किया गया। कार्यक्रम आयोजक ने जैन समाज के अध्यक्ष राजेश जैन सभी को बताया कि सेठ जम्बू प्रसाद जैन सहारनपुर में शिक्षण संस्थाएं, जैन मंदिर एवं धर्मशाला निर्माण में दान देकर औरों के लिए मिसाल और प्रेरणा स्रोत बने। इन्हीं के अथक प्रयासों से विश्व के जैन अनुयायी अपने सबसे पवित्र तीर्थ स्थल सम्मेद शिखर जी के दर्शन एवं वंदना करने में समर्थ हुए। समाज के लिए किए गए इन कार्यों के लिए जैन समाज सेठ जंबू प्रसाद जैन का हमेशा ऋणी रहेगा।
           इस मौके पर जैन समाज के संरक्षक चंद्र जैन, महामंत्री संजीव जैन, मीडिया प्रभारी सीए अनिल जैन, उपाध्यक्ष विपिन जैन, कोषाध्यक्ष अरुण जैन, मुख्य संयोजक संजीव जैन बब्बू, सतेंद्र जैन सर्राफ, चौधरी सुदेश जैन, चौधरी संदीप जैन, चौधरी डॉ एके जैन, विशाल जैन, प्रवीन जैन सर्राफ, सुनील जैन सर्राफ, प्रकाम निष्काम, तरुण बंटी, दीपक सोनिया जैन, अमिता जैन, पायल जैन, रेनू जैन समेत सैंकड़ों जैन धर्मावलंबी मौजूद थे।