इंदिरापुरम पुलिस ने बारह घंटों के भीतर अगवा पिता-पुत्री को बरामद करते हुए अपहरणकर्ताओं को दबोचा
September 2, 2019 • अनवर खान

★ एक करोड़ तीस लाख रुपए की फिरौती के लिए किया गया था पिता-पुत्री का अपहरण

★ एसएसपी सुधीर कुमार सिंह व इंदिरापुरम एसएचओ दीपक शर्मा की रणनीति से हाथ लगी सफलता

गाजियाबाद (अनवर ख़ान)। एसएसपी सुधीर कुमार सिंह के नेतृत्व में इंदिरापुरम के थाना प्रभारी निरीक्षक दीपक शर्मा और उनकी टीम ने वसुंधरा निवासी अपहृत इंजीनियर और उसकी बेटी को घटना के मात्र बारह घंटों के भीतर सकुशल बरामद करते हुए वारदात में शामिल दोनों अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस के मुताबिक दोनों बाप-बेटी का अपहरण एक करोड़ तीस लाख की फिरौती के लिए किया गया था।
      एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने एक प्रेसवार्ता के दौरान पत्रकारों को घटना का खुलासा करते हुए बताया कि रविवार सुबह इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के वसुंधरा के द्रोणाचार्य अपार्टमेंट निवासी इंजीनियर कुणाल और उनकी बेटी श्रुति का उस समय अपहरण कर लिया गया जब वह अपनी बेटी को लेकर बाजार के लिए निकले थे। काफी देर तक भी न लौटने पर उनकी पत्नी ने कुणाल को फोन किया और उनका फोन बंद आने पर उन्होंने सारा माजरा इंदिरापुरम थाने में पहुंचकर एसएचओ दीपक शर्मा को बताया। मामले को सुनकर थाना प्रभारी निरीक्षक दीपक शर्मा का माथा ठनका और उन्होंने एक पल की भी देर न करते हुए अपनी टीम को इंजीनियर और उसकी बेटी की खोजबीन पर लगा दिया। थोड़ी ही देर बाद कुणाल की पत्नी ने एसएचओ दीपक शर्मा को सूचना दी कि उनके व उनकी बहन के फोन पर कॉल करके अपहरणकर्ताओं ने कुणाल व श्रुति को छोड़ने की एवज में एक करोड़ तीस लाख रुपए की फिरौती मांगी है। एसएचओ दीपक शर्मा ने तुरंत सारी घटना से एसएसपी सुधीर कुमार सिंह को अवगत कराया। और एसएसपी के निर्देश पर मामले को गुप्त रखते हुए अपहरणकर्ताओं को पकड़ कर अपहर्ताओं को सकुशल बरामद करने की रणनीति बना ली। रणनीति के तहत कुणाल की पत्नी ने अपहरणकर्ताओं से कहा कि एक साथ एक करोड़ तीस लाख रुपए का बंदोबस्त होना मुश्किल है। इसलिए वह फिलहाल अभी पांच लाख रुपए की पेशगी ले लें और उनके पति और बेटी को कुछ ना कहें। जल्दी ही वह बाकी रुपयों का इंतजाम करके अपने पति और बेटी को उनसे छुड़ा लेंगी। अपहरणकर्ता कुणाल की पत्नी की बातों में आ गए और उनसे पांच लाख रुपए लेने के लिए एक स्थान नियत कर दिया। पुलिस ने जाल बिछाते हुए सादे कपड़ों में अपनी टीम नियत स्थान के आसपास लगा दी। जैसे ही अपहरणकर्ता वहां पहुंचे पुलिस ने दोनों अपहरणकर्ताओं को दबोच लिया और अपर्हत कुणाल और उनकी बेटी श्रुति को घटना के मात्र बारह घंटों के भीतर ही सकुशल बरामद कर राहत की सांस ली। 
      एसएसपी ने बताया कि पूरी रणनीति गुप्त रखी गई थी क्योंकि यदि बदमाशों को पुलिस की रणनीति का ज़रा भी आभास हो जाता तो दोनों बाप बेटी की जान को जोखिम हो सकता था। उधर मामले का बारह घंटों के भीतर ही पटाक्षेप करने पर डीजीपी ओपी सिंह ने एसएसपी सुधीर कुमार सिंह व एसएचओ दीपक शर्मा की मुक्तकंठ से प्रशंसा की है। एसएसपी ने बताया कि डीजीपी ओपी सिंह इस सफलता पर एसएचओ दीपक शर्मा को इनाम देकर सम्मानित भी करेंगे।